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शनिवार, 5 अक्तूबर 2013

शब्द

स्याह
सफेद
कागज़
मेरे
ना
जान
सके
थमने की वजहें.....
तेरी थाह
मुझसे कह
गयी
ना
मि ला
अब तक
तुझसा
अजनबी...!