शब्द ने शब्द जोड़े.. शब्द से शब्द बिखरे.. शब्द -शब्द ने ढूंढें अक्षर.. शब्द- शब्द फिर, शब्दश: खामोश हुए..!
कोई तो सुझा दो जिंदगी के चार रंग जो दो उसके हों दो मेरे.....!
उफान ,तिलिस्म, जिद ,अहम सब अनवरत फिर धुआ ....!
मौन , बातें हंसी ,आँसू सब मुझसा फिर खत्म....!!
सांसे,सन्नाटा शोर, खामोशी सब तुझसा फिर दर्द ....!!!!