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सोमवार, 20 जनवरी 2014

मन

कुछ शब्दों
की सुगबुगाहट
पूछ लेती है
कभी कभी
"ये तू है"..??
मन अल्हड सा
बिना शर्त
स्वीकारता
"हाँ..ये मैं ही हूँ "..!!ै

मंगलवार, 17 दिसंबर 2013

सार

ये पंक्तिया काफी प्रभावित करती है ....