शब्द ने शब्द जोड़े.. शब्द से शब्द बिखरे.. शब्द -शब्द ने ढूंढें अक्षर.. शब्द- शब्द फिर, शब्दश: खामोश हुए..!
कुछ शब्दों की सुगबुगाहट पूछ लेती है कभी कभी "ये तू है"..?? मन अल्हड सा बिना शर्त स्वीकारता "हाँ..ये मैं ही हूँ "..!!ै
ये पंक्तिया काफी प्रभावित करती है ....