मन तेरा
चित्र तेरा
मस्तिष्क तेरा
मेरे हिस्से
मैं ही मैं
ख्वाहिशें तेरी
उन्माद तेरा
जिज्ञासा तेरी
चाहत तेरी
मेरे हिस्से
मैं ही मैं ..!!
@asha bisht
वो अंतिम होता क्या है?वेदनाएं निरंतर हैं
हर्ष निरंतर है
चाह स्थिरता की
निरंतर है
जिस अंतिम का
वो प्रहार है
आखिर वो अंतिम
है क्या ???
प्रथम पहर में
तुम नहीं थे
मध्यम में भी
तुम नहीं थे
अब उस अंतिम में
तुम्हारा होना
व्यर्थ है ....!!!