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शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

शब्द..

बीती शाम जलते दीयों से पूछा
जलोगे तुम...बुझोगे तुम...
फिर क्यूँ ये सब??
वो मुस्कुराये फिर बोले
थमना ...तुम क्या जानो
जल कर बुझना
तुम क्या जानो...!!

शनिवार, 5 अक्टूबर 2013

शब्द

स्याह
सफेद
कागज़
मेरे
ना
जान
सके
थमने की वजहें.....
तेरी थाह
मुझसे कह
गयी
ना
मि ला
अब तक
तुझसा
अजनबी...!