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मंगलवार, 17 दिसंबर 2013

सार

ये पंक्तिया काफी प्रभावित करती है ....

शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

शब्द..

बीती शाम जलते दीयों से पूछा
जलोगे तुम...बुझोगे तुम...
फिर क्यूँ ये सब??
वो मुस्कुराये फिर बोले
थमना ...तुम क्या जानो
जल कर बुझना
तुम क्या जानो...!!