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शनिवार, 17 दिसंबर 2016

जिंदगी

कोई तो
सुझा दो
जिंदगी
के
चार रंग
जो दो
उसके हों
दो
मेरे.....!

शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

बात

उफान ,तिलिस्म,
जिद ,अहम
सब अनवरत
फिर
धुआ ....!

मौन , बातें
हंसी ,आँसू
सब मुझसा
फिर
खत्म....!!

सांसे,सन्नाटा
शोर, खामोशी
सब तुझसा
फिर
दर्द ....!!!!

गुरुवार, 8 दिसंबर 2016

तुझ सा
कोई
मिले
ना
मिले......
पर
मुझे
मुझ
सा
मिल
ही
गया ........

शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

kuch to bolo ..ye raat itni gahri kyu hai
kyu tu mere wajood mein itna gahra
ki hr pl mera ..tere bin kuchh nhi
dekho to sahi ...kya kuch jod liya maine
kisi ki nfrte apne liye
kisi ka wqt
bs
bewajah
tere bagair..

शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

मेरा प्रश्न

कई
बार
सुना है
एक
शब्द
"संवदेनहीन"
क्या
हर
बात
का
जबाब
देकर
मैं
"संवदेनशील "
बन
जाऊगीं..???

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

मौन

हाँ...सुन लिया था
पर
प्रत्युतर मेरा
मौन

शिकायतें लाज़मी थी
पर
तर्पण मेरा
मौन

सन्नाटो को टूटना ही था
पर
अभिव्यक्ति मेरी
मौन

मुखौटे
सारे रंग लिए
पर
आवरण मेरा
मौन ...!

शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

कुछ ...

मन
थोडा
उदास
है आज....
तुम कहो
तो जरा झूठ
बोल लूँ
खुद से....???