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बुधवार, 26 सितंबर 2012

मेरी कविता

आज के ही दिन पिछले वर्ष अपने भ्रमित शब्दों को यहाँ पर उकेर दिया था।सौभाग्य वश काफी स्नेह की प्राप्ति हुई।। पुनश्च वही पंक्तिया प्रस्तुत कर रही हूँ ...





कितनी सादगी से टूटा
ये निर्मम दर्पण मेरा
ना टूटने की आवाज हुई
ना कोई दर्द हुआ ...

पर टूट चूका
हर कोना
हर परत ....
बिखर कर मेरे सामने
भले ही ना आया हो
पर टूट चूका
निर्मम दर्पण मेरा ....!!!                                            

31 टिप्‍पणियां:

  1. टूटा दर्पण कर गया, अर्पण अपना स्नेह ।

    बोझिल मन आँखे सजल, देखा कम्पित देह ।

    देखा कम्पित देह, देखता रहता नियमित ।

    होता हर दिन एक, दर्द नव जिस पर अंकित ।

    कर पाता बर्दाश्त, नहीं वह काजल छूटा।

    रूठा मन का चैन, और यह दर्पण टूटा ।।

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  2. उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  3. वाह आशा जी....
    गहन भाव.....
    बस हैरान हूँ कि दर्द कैसे नहीं हुआ???
    या दर्द के अतिरेक में एहसास न हुआ हो....

    अनु

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  4. ब्लॉग के एक वर्ष होने पर बधाई .... दर्द को छुपना ही उत्तम है ।

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  5. सादगी पूर्ण लब्जों में खुबशुरती से सब कुछ कहती रचना,,,

    RECENT POST : गीत,

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  6. गहन भाव लिए उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ।

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  7. इस कविता के भाव, लय और अर्थ काफ़ी पसंद आए। बिल्कुल नए अंदाज़ में आपने एक भावपूरित रचना लिखी है।

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  8. ब्लॉग के एक वर्ष होने पर बधाई ..!!!

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  9. अदृश्य लगे,पर सत्य है...संजोये चेहरे बिखर गए या कहो रिश्ते !!!

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  10. बहुत सुंदर ब्लॉग व गहन अभिव्यक्ति ...
    भाव मन छू गए ...

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  11. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  12. ब्लॉग के एक वर्ष होने पर बधाई..गहन अभिव्यक्ति ...

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  13. गहरी भाव अभिव्यक्ति..
    ब्लॉग के एक वर्ष पुरे होने
    पर बधाई..
    शुभकामनाये...
    :-)

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  14. दिल टूट गया आवाज़ न हुई ,किरचे इतने यहाँ वहां बिखरे ,किसी को खबर न हुई ....बढ़िया प्रस्तुति ,ब्लॉग की पहली सालगिरह मुबारक .

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  15. बहुत सुंदर रचना !

    दर्पण बहुत ही सीधा था
    सादगी से टूट गया
    वरना अब तो बस
    आवाज आती है
    टूटने की कई बार
    पर दर्पण टूटता नहीं
    ठहाके लगाता है !

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  16. टूटना नियति हैं दर्पण कि
    निःशब्दता... अकर्मण्यता हो सकती हैं
    वरना तो टूटने पर भी हर कोण में परिपूर्ण हैं वो
    बधाई ....अलग कहने कि कोशिश हैं

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  17. ब्लॉग की पहली सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएं आशा जी

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  18. सही कहा चटखने की आवाज़ नहीं होती ...पर कुछ साबित नहीं रह जाता

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  19. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 29/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  20. ब्लाग की पहली वर्ष गाँठ मुबारक हो एवं इतनी प्यारी रचना के लिए बधाई

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  21. सुंदर प्रस्तुति |
    इस समूहिक ब्लॉग में पधारें और हमसे जुड़ें |
    काव्य का संसार

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  22. छोटी कविता, गहरी बात. सरल शब्द, उत्तम एहसास

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  23. एक वर्ष पूरा होने पर हार्दिक बधाई आशा जी !


    सादर

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  24. गहन अभिव्यक्ति ...
    एक वर्ष पूरा होने पर हार्दिक बधाई !!!

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  25. सरल शब्दों में बहुत गंभीर बात.

    बहुत बधाई आशा जी पहली साल गिरह पर.

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  26. बहुत सुंदर पोस्ट। मेरे नए पोस्ट पर आपका आमंत्रण है। धन्यवाद।

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