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शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

प्रेम

 निश्छल है 
अविरल है 
अनवरत है ये
तुम्हारे लिए.

खामोश है 
स्पंदन लिए
बह जाता
धार लिए
सम्मलित है इन शब्दों में
तुम्हारे लिए..

साक्षात्कार है ये
मेरा, मेरे मन से
मौन है ये 
सुन कर तुम्हें
दर-ब-दर  बढ़ता जाता
तुम्हारे लिए..

पारितोष है मेरा
निशब्द मुस्कराहट तुम्हारी
जाने- अनजाने तैर आती है जो
सिर्फ मेरे लिए...!!

24 टिप्‍पणियां:

  1. प्रेम की इतनी सुन्दर अभिव्यकति.......
    कमाल है.........

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  2. पारितोष है मेरा
    निशब्द मुस्कराहट तुम्हारी
    जाने- अनजाने तैर आती है जो
    सिर्फ मेरे लिए...!!waah

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  3. गहरी अभिव्‍यक्ति।
    सुंदर रचना।

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  4. सुन्दर रचना, आभार

    मेरे ब्लॉग पर भी पधार कर अनुगृहीत करें.

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  5. पारितोष है मेरा
    निशब्द मुस्कराहट तुम्हारी
    जाने- अनजाने तैर आती है जो
    सिर्फ मेरे लिए...!!


    अक्सर ऐसा ही होता है
    सुंदर रचना !

    आभार !!

    मेरी नई रचना ( अनमने से ख़याल )

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  6. गहरी सोच खुबसूरत अभिव्‍यक्ति। ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. पारितोष है मेरा
    निशब्द मुस्कराहट तुम्हारी
    जाने- अनजाने तैर आती है जो
    सिर्फ मेरे लिए...!!
    बहुत उम्दा ,रचना है आपकी .शुभकामनाये

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत खुबसूरत अभिव्‍यक्ति। शुभकामनाये|

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  9. समर्पण में छिपा परितोष, बहुत सुन्दर!

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  10. माँ नन्दा के यात्रा पथ पर आप साहित्य की अलख जलाये हुए हैं, इस साधना और उत्कृष्ट रचनाओं के लिए साधुवाद.

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  11. समर्पण बाव की सुंदर रचना,....बहुत अच्छी
    नई पोस्ट--"काव्यान्जलि"--"बेटी और पेड़"--में click करे.

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  12. निश्छल है
    अविरल है
    अनवरत है ये
    तुम्हारे लिए.

    निश्छल प्रेम की यह अभिव्यक्ति बहुत प्यारी लगी.

    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

    आनेवाले नववर्ष के लिए बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,आशा जी.

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  13. आपका पोस्ट बहुत ही अच्छा लगा । हमेशा आते रहूँगा । मेरे नए पोस्ट "उपेंद्र नाथ अश्क" पर आपका बेसब्री से इंतजार करता रहूँगा ।.धन्यवाद ।

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  14. बहुत ही खुबसूरत.... प्रेम सिर्फ निश्छल प्रेम....

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  15. अंतिम भाग इस प्रेम को जीवन्तता और क्रियाशीलता प्रदान करता है.मुझे भी ये पंक्तियाँ कुछ ज्यादा ही पसंद आईं.

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  16. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
    मेरा शौक
    मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है,नई रोशनी में सारा जग जगमगा गया |
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.
    * नया साल मुबारक हो आप सभी को *

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  17. नववर्ष की अनंत शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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  18. बहोत अच्छा लगा आपका ब्लॉग पढकर ।

    नया हिंदी ब्लॉग

    हिन्दी दुनिया ब्लॉग

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  19. निश्छल है
    अविरल है
    अनवरत है ये
    तुम्हारे लिए.

    बहुत ही खुबसूरत..नया साल मुबारक हो !

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