मन बैचेन है कभी कभी कविताओं से भटक जाता है....विषम पर्वतीय परिस्थितिया जीना सीखा देती है
उनमें से कुछ प्रेरणा स्रोत ये भी हैं...
पंखुड़ियों में रंग
साधारण ही सही
पर सीखा ही देते हैं
निष्ठुर परिस्थितियों
में सृजन ....
उनमें से कुछ प्रेरणा स्रोत ये भी हैं...
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(ब्रह्मकमल) |
साधारण ही सही
पर सीखा ही देते हैं
निष्ठुर परिस्थितियों
में सृजन ....
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(बुरांश) |
रंग तुम्हारा
जीने की सीख देता है
समर्पण सम्पूर्णता से
भले ही...
संसार हो सुनसान,निर्जन ..
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(बुरांश और फ्यूंली) |
पहाड़ी लोककथाएं
अपूर्ण हैं तुमसे
तुम्हारे त्याग बलिदान को
शत-शत नमन....
{{{ब्रह्मकमल ऊचाई पर पायी जानी वाली वनस्पति है...और जब बुरांश जंगलों में खिलाता है है तो ऐसा प्रतीत
होता है की प्रकृति संवाद कर रही हो......फ्यूंली बसंतागमन का संकेत .......}}}